ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2024 प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, PM मोदी ने उपस्थित दर्शकों को संबोधित करते हुए भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के महत्व और उसकी भूमिका पर जोर दिया। PM मोदी के संबोधन की मुख्य बातें भारत का योगदान: पीएम मोदी ने बताया कि भारत चिप डिजाइनिंग में दुनिया के 20% टैलेंट का योगदान दे रहा है, और यह योगदान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 21वीं सदी का भारत कभी भी "चिप डाउन" नहीं होने देगा, जिससे वैश्विक समुदाय को भारत पर भरोसा हो सकता है। सेमीकंडक्टर उत्पादन: भारत सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गंभीर कदम उठा रहा है। सरकार सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए 50% का सपोर्ट दे रही है। निवेश: भारत की नीतियों के परिणामस्वरूप देश में 1.5 ट्रिलियन रुपये से अधिक का निवेश हो चुका है, और आने वाले समय में और अधिक निवेश की संभावना है। यह भारत को सेमीकंडक्टर पावरहाउस बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर का विकास: पीएम मोदी ने कहा कि इस दशक के अंत तक भारत के इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर को 50 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है, जिससे 60 लाख नौकरियां पैदा होंगी। सेमिकॉन इंडिया 2024 का शेड्यूल यह प्रदर्शनी 11 से 13 सितंबर तक नॉलेज पार्क 2, ग्रेटर नोएडा में आयोजित की जा रही है। इसमें दुनियाभर की लीडिंग सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2024 प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। सेमिनार के मुख्य विषय पहला दिन: स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और वर्कशॉप का आयोजन। दूसरा दिन: क्रॉस रीजनल पार्टनरशिप, फ्लैक्सिबल हाइब्रिड इलेक्ट्रॉनिक्स, सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर सत्र। अंतिम दिन: पैकेज मैन्युफैक्चरिंग बूटकैंप और सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन का इंट्रोडक्शन। यूपी में सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य यूपी सेमीकंडक्टर नीति के तहत निवेशकों को कई फायदे दिए जा रहे हैं, जैसे 50% अतिरिक्त कैपिटल सब्सिडी, 75% की लैंड रिबेट, और 100% स्टांप ड्यूटी की छूट। यह नीति राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास को प्रोत्साहित करेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। दुनिया में सेमीकंडक्टर का महत्वसाल 2021 में भारतीय सेमीकंडक्टर बाजार की वैल्यू 27.2 बिलियन डॉलर थी, जो 2026 तक 64 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। ताइवान वैश्विक सेमीकंडक्टर उत्पादन में 60% की हिस्सेदारी रखता है, जिससे इस उद्योग का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। भारत, सेमीकंडक्टर उद्योग में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करते हुए, ग्लोबल चिप इंडस्ट्री में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। (CG News Focus)