रायपुर (CG news focus): राज्य में पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर हुई भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। परीक्षा से पहले कुछ उम्मीदवारों को रायपुर बुलाकर होटल में रुकवाया गया और परीक्षा में अव्वल रैंक दिलवाई गई। इतना ही नहीं, एक ही परिवार के तीन लोगों को एक जैसे अंक मिलने से पूरा मामला और भी संदिग्ध हो गया है। ईओडब्ल्यू ने की पुष्टि, फिर भी FIR नहीं! राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने प्राथमिक जांच में यह पुष्टि की है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है। दस्तावेज़ों और तकनीकी विश्लेषण से यह सामने आया है कि चयनित कुछ उम्मीदवारों को न केवल पहले से प्रश्नपत्र की जानकारी थी, बल्कि परीक्षा पूर्व विशेष व्यवस्था के तहत रायपुर बुलाकर होटल में ठहराया गया था। ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट में भी धांधली की पुष्टि होने के बावजूद अब तक ना तो एफआईआर दर्ज हुई है और ना ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई हुई है। एक ही परिवार के तीनों सदस्य टॉपर कैसे? खास बात यह है कि जिन उम्मीदवारों को टॉपर बनाया गया, उनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं और तीनों को एक जैसे अंक मिले हैं। यह संयोग नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश मानी जा रही है। कांग्रेस ने विधानसभा में उठाया मुद्दा इस मामले को कांग्रेस ने विधानसभा में जोरशोर से उठाया। विपक्ष के नेता ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब ईओडब्ल्यू ने गड़बड़ी की पुष्टि कर दी है, तो सरकार अब तक चुप क्यों है? यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह लोकतंत्र और युवाओं के हक पर कुठाराघात होगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा: "सरकार इस घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस इसे सड़क से कोर्ट तक लेकर जाएगी।" Top News-CG News Focus युवाओं में आक्रोश, पारदर्शिता पर सवाल राजस्व निरीक्षक जैसी प्रतिष्ठित भर्ती में इस प्रकार की धांधली से युवा अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। कई छात्र संगठनों ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मुख्य बिंदु: चयन से पहले उम्मीदवारों को रायपुर बुलाया गया होटल में ठहराकर परीक्षा की तैयारी करवाई गई एक ही परिवार के 3 सदस्य बने टॉपर EOW ने पुष्टि की पर FIR नहीं विपक्ष ने सदन में उठाया मुद्दा, आंदोलन की चेतावनी यह मामला ना केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि युवाओं के भविष्य और सरकारी जिम्मेदारियों की गंभीरता को भी कठघरे में खड़ा करता है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या ठोस कदम उठाती है या फिर यह भी एक और भर्ती घोटाले के तौर पर दबा दिया जाएगा। (cg news focus)